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लेह-लद्दाख

फ़ोटो एवं वीडियों गैलरी देखने हेतु नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें तुर्तुक में बाल्टी संस्कृति का संग्रहालय Village Scenes Rancho’s School and legacies of the movie Three Idiot लद्‌दाख में सिख धर्म लामायरू (मोनास्ट्री) लेह शहर लोग सिन्धु घाट पेंगांग झील लद्दाख यात्रा और स्वास्थ्य From Macro to Micro and Vice Versa …………………………………………………………………………………………………………. […]

तुरतुक में बाल्टी संस्कृति का संग्रहालय

तुरतुक में बाल्टी संस्कृति का संग्रहालय – फ़ोटो एल्बमhttps://shorturl.at/49QqQ तुरतुक में बाल्टी संस्कृति का संग्रहालय – विडियो एल्बमhttps://youtu.be/LYfDyH1diAc

“स्वस्थ मस्तिष्क को कैसे साधे?” “How to Sustain Brain Health?”

इस विषय को दो भागों में बांटा जा सकता है। 1. स्वस्थ मस्तिष्क को साधना, व्यक्तिगत स्तर पर। हर इंसान अपने खुद के लिए क्या कर सकता है? 2. समाज के स्तर पर। हम समाज के रूप में या हमारा शासन और हमारा प्रशासन सामुदायिक स्तर पर क्या कर सकते हैं? इसी लेख पर आधारित […]

जीवन क्या है (What is Life)? – 28 April 2025

मेरी मां से जब मैंने इस विषय पर बात करी तो वे कहने लगी महाभारत में यक्ष द्वारा युधिष्ठिर से जीवित मृत के मध्य भेद के बारे में और रामचरितमानस में तुलसीदास जी की इस अर्धाली को उध्रत किया “जीवित सव सम चौदह प्राणी”। मैंने कहा, मां मेरा विषय यह नहीं है। मैं वैज्ञानिक पहलूओं […]

मीडियावाला पर प्रेषित लेख (न्यूरोज्ञान पर)

जनवरी 2023 से डॉ. अपूर्व पौराणिक ने ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल ‘मीडियावाला’ पर एक साप्ताहिक कॉलम लिखना शुरू किया है –  “अपनी भाषा, अपना विज्ञान”। इसके अंतर्गत विज्ञान की विविध शाखाओं से सम्बंधित लेख रहते हैं। व कुछ समसामयिक महत्व के होते है। कुछ एतिहासिक और शाश्वत महत्व के होते है। Mediawala.in पर डॉ. अपूर्व पौराणिक […]

DO’S AND DON’T (AFTER DELIVERY)

(1) आपको यह मानकर चलना है कि बच्चे की दुनिया आप है और आपकी दुनिया केवल बच्चा है। (2) आपको हर तरह का सात्विक और हेल्दी भोजन करना है। (3) खाने में कोई भी परहेज नहीं करना है। आपको केला खाना है, टमाटर खाना है, आपको नीबू की खटाई खाना हैं। संतरा खाना है। ऊगे […]

“जीवन क्या है?” न्यूरोज्ञान व्याख्यान माला (चतुर्थ अंक)

मेरी मां से जब मैंने इस विषय पर बात करी तो वे कहने लगी महाभारत में यक्ष द्वारा युधिष्ठिर से जीवित मृत के मध्य भेद के बारे में और रामचरितमानस में तुलसीदास जी की इस अर्धाली को उध्रत किया “जीवित सव सम चौदह प्राणी”। मैंने कहा, मां मेरा विषय यह नहीं है। मैं वैज्ञानिक पहलूओं […]

Dr. Apoorva Pauranik’s special conversation with Kamleshwar ji, the eminent pioneer of Hindi literature

नीचे दिया गया चर्चा का आलेख एआई (A.I.) द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित किया गया है। Dr. Pauranik: Shri Kamleshwar, an eminent name in the history of Hindi literature for roughly the last half-century. A leading figure in the Hindi story tradition, Shri Kamleshwar also makes creative interventions in the fields of electronic media and journalism. […]

हिंदी के मूर्धन्य अग्रणी साहित्यकार आदरणीय श्री कमलेश्वर जी से डॉ. अपूर्व पौराणिक की खास बातचीत

डॉ. पौराणिक:- हिंदी साहित्य के लगभग पिछली एक आधी शताब्दी के इतिहास में मूर्धन्य नाम श्री कमलेश्वर। हिंदी की कथा परंपरा के अग्रणी हस्ताक्षर, श्री कमलेश्वर जो कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी रचनात्मक हस्तक्षेप रखते हैं जिन्होंने अपने नेतृत्व में और अपने लेखनी से हिंदी साहित्य में दलित और समांतर परंपराओं […]

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