
अपूर्व: प्रिय मित्र, स्वतंत्रता दिवस की बधाई। आओं ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम में शरीक हों। मित्र: नमस्ते, डाक्टर साहब। यह सब ढकोसला है। चोंचले हैं। मैं क्यों अपने घर पर झण्डा फहराउँ? स्कूलों व सरकारी दफ्तरों पर अधिकारियों व छात्रों की मजबूरी है। मेरे ऊपर जबरजस्ती क्यों? अपूर्व: यह जबरजस्ती नहीं है। एक आव्हान है। […]




