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सारे जहां का दर्द हमारे जिगर ‘लिवर’ में है।

प्रसिद्ध यूनानी नायक पृमथ्यु स्वर्ग से आग चुरा लाया था, धरती के लोगों के लिये। स्वर्ग के देवताओं ने उसे सजा दी थी एक शिला पर जंजीर से बांधकर – जहां रोज गरूड़ आदि पक्षी नोंच-नोंच कर उसका लीवर खाते थे – लीवर फिर उग आता था। पीड़ा चलती रहती | इस पुरातन कथा में एक वैज्ञानिक तथ्य […]

नकली दिल

‘बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल के, चीरा तो कतरा–ए–खून मिला।‘ शायर की इस कल्पना को अमेरिकी डॉक्टरों ने साकार कर दिया है। नकली हाथ पैर की तरह ‘नकली दिल’ भी पैदा कर लिया गया है। इस नकली दिल के सहारे दिल का एक मरीज (मरीज असली है) जिन्दा है और डॉक्टरों को उम्मीद है कि वह […]

न्यूरो ज्ञान : वेबसाइट

“सबै ज्ञान न्यूरो ज्ञान” डॉ. अपूर्व पौराणिक द्वारा अनेक वर्षो की मेहनत से स्थापित वेबसाइट www.neurogyan.com पर जरुर जाइये । उसके विविध खंडो की जानकारी यहाँ दी जा रही है। “इंटरनेट पर ज्ञान या बात आकाश में तिरोहित हो जाते हैं।” ऐसा कहा एक हिंदी लेखक ने| क्या सच में पुरानी आदतों के चलते, छपे-लिखे […]

मीडियावाला पर प्रेषित लेख

जनवरी 2023 से डॉ. अपूर्व पौराणिक ने ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल ‘मीडियावाला’ पर एक साप्ताहिक कॉलम लिखना शुरू किया है –  “अपनी भाषा, अपना विज्ञान” । इसके अंतर्गत विज्ञान की विविध शाखाओं से सम्बंधित लेख रहते हैं। व् कुछ समसामयिक महत्व के होते है। कुछ एतिहासिक और शाश्वत महत्व के होते है। Mediawala.in पर डॉ. अपूर्व […]

चेतना  का न्यूरो विज्ञान

न्यूरोज्ञान व्याख्यान माला इतिहास साक्षी है कि एक के बाद एक चमत्कारों का पर्दाफाश विज्ञान ने किया है। तमाम Mythology, अब इतिहास और मनोरंजक कहानियों के रूप में रह गए हैं।  न्यूरोज्ञान व्याख्यान माला – फोटो गैलरी यह सूची अंतहीन है। लेकिन विज्ञान का काम कभी समाप्त नहीं होता। विज्ञान के सम्मुख हजारों Fronts, हजारों […]

समुद्र विज्ञान में नदियो का महत्व

ताल मिले नदी के जल में, नदी मिले सागर में, सागर मिले कहां, कोई जाने ना जाने सभी नदियों को सागर से मिलना नसीब नहीं होता। अफ्रीका में कुछ नदियां हैं जो रेगिस्तान की दिशा में बहती हैं और वही सूख कर मर जाती हैं। कुछ नदियां है जो समुद्र में ही बनती है, बहती […]

मरने के बाद भी परोपकार: अंग दान

मुर्दा नहीं बेकार, हैं बड़े काम कापुराने लोग कहते थे कि मरे हुए जानवर के चमड़े से तो जूते बन जाते हैं पर मनुष्य मरने के बाद क्या काम का? सोच बदलिए | सोच कर देखें एक मरा हुआ व्यक्ति कितने जीवित व्यक्तियों का जीवन बेहतर बना सकता हैं | आज के दिनों में हमारे […]

न्यूरोसेक्सिज़म NeuroSexism

स्त्री और पुरुष के मस्तिष्क में क्या भेद है?क्या भेद कम है या ज्यादा है? तुच्छ है या महत्वपूर्ण है? उन भिन्नताओं का स्त्री और पुरुष के स्वभाव,  बुद्धि, योग्यता, क्षमता, व्यक्तित्व आदि पर कोई खास असर पड़ता है या नहीं?पिछले 50-100 सालों से समाज विज्ञान में यह सोच और विचारधारा हावी रही है कि […]

Genetics / आनुवंशिकता

कुलीन होने का वैज्ञानिक अर्थआनुवंशिकता का अर्थ है माता-पिता व अन्य पूर्वजों से सन्तानों को प्राप्त होने वाले गुण । गुण हजारों प्रकार के । नाक का सुतंवा होना, आँख का नीला होना, बालों का धुंघरालु होना । दुबलापन, मोटापन, गंजापन, गोरा होना । आधे गुण माँ से, आधे पिता से । बीमारी न होना […]

दुर्घटनाएँ – Accidents

पुराने जमाने से ही मानव दुर्घटनाओं का शिकार रहा है। युनानी विचारक हेरोडोटोस ने कहा था “दुर्घटनाएँ मनुष्य पर राज करती हैं न कि मनुष्य दुर्घनाओं पर। आज जबकि चिकित्सा विज्ञान ने अनेक महामारियों पर विजय प्राप्त कर ली है, दुर्घटनाओं की महामारी एक चुनौती बन कर उभरी है जिसकी रोकथाम व नियंत्रण के लिये […]

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