
Cosmopolital है। अर्थात् अलग-अलग जाति, धर्म या देश के लोगों के चेहरे यहां देखे जाते हैं। चीन, जापान पूर्वी एशिया के लाखों लोग यहां भरे पड़े हैं। इतनी अधिक विविधता को भारत के महानगरों तक में ये देखने को नहीं मिलती।
कहते हैं सिडनी के बाहर का आस्ट्रेलिया अलग है। कम भीड़ है। सूनापन है। दूरियां है। मीलों रेगिस्तान हैं। भेड़ें हैं। अभी तक कंगारु, कोआला आदि नहीं देखे।

कान्फ्रेंस ठीक चल रही है। उसके आयोजन का स्थान Darling Harbous खूबसूरत जगह है। 2000 प्रतिनिधि आये हैं, पूरी दुनिया से। भारत से 35। तरह-तरह के चेहरे, भाषाएं, रंग व उच्चारण।

नीरु इन दिनों वेस्टमीड अस्पताल के Gynae विभाग में जा रही है। अनेक नयी ज्ञान की बातें व नये अनुभव मिल रहे हैं। परन्तु हम दोनों को अपनी अलग दिशाओं में रेल से जाना पड़ता है। एक घण्टा लगता है, पैदल चलना मिला कर। नीरु को आदत नहीं है। थक जाती है। घर आकर अच्छा लगता है।
इन्दौर की बहुत याद आती है। घर की, तुम दोनों बच्चों की (निप्पू व अनी की) दादा-दादी की। यह फैक्स पत्र सबके लिये है। किसलय, किंशुक व रैलीहाऊस पर मां के यहां। सबको बता देना। मुझे निप्पू से यह सुनकर चिन्ता हुई कि उसे अपने पेपर्स क्यों लेंदी लगे? क्या इसलिये की उसकी तैयारी संतोषप्रद नहीं थी। जब सब अच्छे से आता है तो सारा पेपर छोटा लगता है। मुझे उम्मीद है तुम विश्वास पूर्वक (परन्तु अतिविश्वास पूर्वक नहीं) अपनी पढ़ाई ईमानदारी से कर रहे होंगे। घर का ध्यान रखते होंगे। अनी को चिढ़ाते, झगड़ते नहीं होंगे। प्यारी अनी को शायद किसी-किसी शाम या रात सोते समय या चिढ़कर रोते समय मां की याद आ जाती होगी, वरना मैं जानता हूँ कि वह अब समझदार लड़की हो गई है, विशेषकर तब जब कि हम लोग बाहर रहते हैं।
लिखते-लिखते पौन घण्टा हो गया। एक घण्टे बाद आधी रात होगी। घड़ियों में 6 सितम्बर तारीख दर्ज हो जावेगी। पहली बार में अपना जन्मदिन घर से बाहर, देश से बाहर, समय से पहले (भारतीय समय से पांच घण्टे पहले) मनाऊंगा। आदरणीय पापा व मां को चरण स्पर्श, उनके आशीर्वाद हेतु। भारतीय समय के अनुसार शाम 6-7 बजे के बीच फोन करूंगा, 6 सितम्बर के दिन।
उम्मीद है कि पंचोली जी उस समय तक घर पर फोन करके इस फैक्स की सूचना दे देंगे। तथा घर लौटते समय यह पूरा फैक्स भी बच्चों व बड़ों को पढ़वा देंवें।
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